बदरीनाथ धाम चढ़ावा और दान में कथित हेराफेरी के आरोपों पर BKTC ने जांच के आदेश दिए हैं। अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
देहरादून/बदरीनाथ, 3 जुलाई: सोशल मीडिया पर श्री बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान में कथित हेराफेरी को लेकर वायरल हो रहे आरोपों के बाद श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच कराई जाएगी तथा यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल आरोपों को गंभीरता से लिया गया
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि सोशल मीडिया में बदरीनाथ धाम के चढ़ावे और दान को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को मंदिर समिति ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं और संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया में जिस कर्मचारी को उनका “निजी सचिव” बताया जा रहा है, वह उनका निजी सचिव नहीं है। संबंधित व्यक्ति मंदिर समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है, जो पहले भी समिति के कई अध्यक्षों के साथ वैयक्तिक सहायक के रूप में कार्य कर चुका है। अध्यक्ष ने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज की जांच, लेकिन स्पष्ट नहीं मिले साक्ष्य
बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि 2 जुलाई से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस मामले के बाद बदरीनाथ मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई गई है। हालांकि उपलब्ध फुटेज में अपेक्षित स्पष्टता नहीं मिली है, फिर भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरी जानकारी अध्यक्ष को उपलब्ध करा दी गई है।
उन्होंने बताया कि अध्यक्ष के निर्देशों के अनुसार संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लिया जा रहा है और विस्तृत जांच के लिए एक आंतरिक जांच समिति गठित किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सभी पक्षों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर होगी जांच
मुख्य कार्याधिकारी ने कहा कि जांच समिति सभी उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या प्रतिकूल तथ्य सामने आते हैं तो श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम 1939 और कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत दोषियों के खिलाफ वैधानिक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने की अपील
सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्री बदरीनाथ धाम से जुड़ा हुआ है। ऐसे में किसी भी आरोप की आधिकारिक जांच पूरी होने से पहले अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार से बचना चाहिए।
उन्होंने सभी लोगों से धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए संयम बरतने की अपील की और कहा कि बिना तथ्यों की पुष्टि के लगाए जाने वाले आरोपों से धाम की गरिमा और छवि प्रभावित हो सकती है।

