देहरादून: उत्तराखंड में वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर लंबे समय से नर्सिंग बेरोजगारों का आंदोलन आखिरकार स्थगित हो गया है. साथ ही कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत 5 नर्सिंग अभ्यर्थी पानी की टंकी से भी नीचे उतर गए हैं. करीब 60 घंटे से पांचों टंकी पर चढ़े हुए थे, जो सरकार की तरफ से मिले उचित आश्वासन के बाद नीचे उतर आए हैं. जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है. उधर, मामले पर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने बयान दिया है. जिसमें उन्होंने नर्सिंग बेरोजगारों के मांग पत्रों का परीक्षण कराने की बात कही है.
वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर साढ़े 5 महीने से धरना दे रहे थे नर्सिंग बेरोजगार: दरअसल, वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर नर्सिंग एकता मंच उत्तराखंड के बैनर तले नर्सिंग बेरोजगार करीब साढ़े पांच महीने से धरना दे रहे थे, लेकिन उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय न हो पाने के चलते 3 दिन पहले नर्सिंग बेरोजगारों में अपना उग्र आंदोलन शुरू कर दिया. इतना ही नहीं कांग्रेस की महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के साथ नर्सिंग अभ्यर्थी सर्वे चौक स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए, जिससे शासन प्रशासन के हाथ पांव फूल गए.

डीजी हेल्थ ने धरनास्थल पहुंचकर की थी बातचीत: तीन दिनों से पानी की टंकी पर चढ़े पांच आंदोलनकारियों में से एक प्रदर्शनकारी ने बीते दिन खुद पर पेट्रोल भी छिड़का था. जबकि, पानी की टंकी के नीचे बैठे सैकड़ों आंदोलनकारियों ने सड़क जाम कर दिया था. वहीं, कई प्रदर्शनकारियों की तबीयत भी बिगड़ गई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार यानी 12 मई की शाम को उत्तराखंड स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा भी धरनास्थल पहुंचीं थीं.
नर्सिंग अभ्यर्थियों ने 1 महीने के लिए स्थगित किया धरना: इस दौरान धरना स्थल पर नर्सिंग बेरोजगारों के साथ उनकी काफी देर तक बातचीत हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया. डीजी हेल्थ ने प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन इसके बावजूद आंदोलनकारी पानी की टंकी से नहीं उतरे. जिसके बाद डीजी हेल्थ वापस लौट गईं. आज यानी 13 मई को सरकार की तरफ से मिले उचित आश्वासन के बाद नर्सिंग अभ्यर्थियों ने 1 महीने के लिए धरना स्थगित कर दिया है.
वहीं, नर्सिंग बेरोजगारों की मांग पर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि,
“नर्सिंग बेरोजगारों की ओर से मिले ज्ञापन का परीक्षण कराया जा रहा है. इसके साथ ही बेरोजगारों ने हिमाचल का शासनादेश भी दिया है, उस शासनादेश का भी परीक्षण करने की बात हुई है. ऐसे में बैठक के दौरान इसका परीक्षण किया जाएगा. कैबिनेट बैठक में नर्सिंग बेरोजगारों का कोई एजेंडा नहीं है.“- सुबोध उनियाल, स्वास्थ्य मंत्री, उत्तराखंड
