उत्तराखंड की वो शख्सियतें जो दशकों से कर रही है निस्वार्थ सेवा, भगतसिंह कोश्यारी और माता मंगला ने दिया सम्मान | Bhagat Singh Koshyari honored great personalities of Uttarakhand

गुरुवार को देहरादून सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में उत्तराखंड विकास प्रवर्तक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसमें उत्तराखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में पिछले कई दशकों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया।

Maharashtra Governor Bhagat Singh Koshyari and Hans Foundation founder Mata Mangala honored great personalities of Uttarakhand

उत्तराखंड विकास प्रवर्तक सम्मान समारोह में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और हंस फाउंडेशन के संस्थापक माता मंगला जी और भोले जी महाराज ने उत्तराखंड के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले उन लोगों को सम्मानित किया जो कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक ऐतिहासिक और सामाजिक धरोहरों के संरक्षण में अपना बहुमूल्य योगदान पिछले कई दशकों से करते आ रहे हैं। इस मौके पर महामहिम राज्यपाल महाराष्ट्र भगत सिंह कोश्यारी और माता मंगला ने ऐसे लोग जो कि कभी पहचान में नहीं आ पाए लेकिन उत्तराखंड के सांस्कृतिक धरोहरों को बचाने में वह निस्वार्थ भाव से पिछले लंबे समय से लगे हुए हैं उन लोगों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए शुभकामनाएं दी और उन्हें सम्मानित किया।

उत्तराखंड के हेल्थ सेक्टर में पिछले कई दशकों से अपना बहुमूल्य योगदान देते आ रहे डॉक्टर सुनील सैनन और उनकी पत्नी रेनू सैनन को उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में उनकी निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य कई प्रकार की समाज सेवा के लिए सम्मानित किया गया। तो वहीं इसी तरह से चिपको आंदोलन के परोनेता रहे वो लोगों जिन्हें कभी पहचान में नहीं पाई साथ ही अपनी संस्कृति और सामाजिक जड़ों से जोड़ने वाले कई ऐसे लोगों को सम्मानित किया गया जिन्होंने बिना किसी प्रचार प्रसार और स्वार्थ के अपना जीवन उत्तराखंड के सांस्कृतिक और सामाजिक सरंक्षण में लगा दिया। ऐसे लोग लगातार हम सब के लिए प्रेरणा देने वाले वो लोग बताते है कि असल मे उत्तराखंड और पहाड़ के मायने क्या हैं।

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