बजट 2021-22 : अर्थशास्त्री प्रोफेसर पारुल दीक्षित ने बताया दूरगामी।

बजट 2021-22 को लेकर सभी जानकार अपने अपने तरिके से मायने लगा रहे हैं। तो वहीं देहरादून डीएवी महाविद्यालय में लॉ फेकल्टी की विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्री पारुल दीक्षित ने आम बजट 2021-22 को लेकर अपना विश्लेषण रखा है।

डॉ पारुल दीक्षित लिखती हैं कि वित्त वर्ष 2021-22 का बजट काई मायनों में अलग और ख़ास है। ये पहली दफा है जब बजट कागज़ पर नहीं बल्कि डिजिटल माध्यम से ‘ मेड इन इंडिया’ टैबलेट के जरिए पेश किया गया। कोरोना की चुनौती से लड़ते और नए साल में कोविड वैक्सीन के आने से आम जन से लेकर अर्थव्यवस्था से जुड़े हर सेक्टर को बजट से बड़ी उम्मीदें थी । वित्त मंत्री ने 1 घंटे 50 मिनट में बजट पेश करने के साथ ही ये साफ कर दिया कि सरकार का फोकस – शार्ट टर्म नहीं बल्कि लॉन्ग टर्म रहने वाला है । बजट की सबसे बड़ी उपलब्धि रही कि सरकार देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य पर ज़बरदस्त खर्च करेगी . ऐतिहासिक तौर पर इस बार बजट में हेल्थ सेक्टर के लिए सरकार ने पिछले साल से रिकॉर्ड 137% ज़्यादा, ₹2,23,846 करोड़ आवंटित किए। इसके साथ ही नेशन हाईवे- सड़के, रेलवे इंफ्रा के विकास के लिए भी रिकॉर्ड पैसा आवंटित किया ।

डॉ दीक्षित ने लिखा कि डिफेंस सेक्टर पर ₹478195 करोड़ आवंटित – पिछले साल की तुलना में सिर्फ 7.4% का इजाफा । हालांकि इस बजट में इन्शुरन्स से लेकर रेलवे,रोड सेक्टर में निजी निवेश या प्राइवेट प्लेयर भागीदारी को बढ़ाने के लिए भी सरकार ने दरवाजे खोलें हैं, जिसको लेकर सरकार निशाने पर है। प्राइवेट प्लेयर की भागीदारी से दिक्कत नहीं है जब तक उसपर सरकार का नियंत्रण रहे। कुल मिलाकर, हज़ारों चुनौतियों के बीच है बजट ग्रोथ और रोज़गार बढ़ाने की कोशिश करता और बैलेंस्ड बजट दिख रहा है”

डॉ. पारुल दीक्षित

विभागाध्यक्ष, विधि
डी ए वी महाविद्यालय

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