2017 के बाद उत्तराखंड में 81 गांवों के 1436 परिवार हुए पुनर्वासित, देखे जिलावार सूची|International Disaster risk reduction day

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अन्तरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाय कि पुनर्वासित परिवारों को पुनर्वास क्षेत्र में बिजली, पानी एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की पर्याप्त व्यवस्था हो।

CM Dhami informed about the disaster management of the state on International Disaster Risk Reduction Day

International Disaster risk reduction day अन्तरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन पुनर्वासित गांवों को सड़क से जोड़ा जाना है, उनकी सूची जल्द शासन को उपलब्ध कराई जाय। पुनर्वासित गांवों में मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए व्यवस्था मनरेगा से कन्वरजेंस एवं जिलाधिकारी के नियंत्रणाधीन विभिन्न फंडों से की जाय। इसके बाद भी कोई परेशानी हो तो मामला शासन स्तर पर लाया जाय। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से आठ जनपदों के पुनर्वासित गांवों के लोगों से बात कर उनकी समस्याएं सुनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी समस्याओं का उचित हल निकालने का प्रयास किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील गांवों का लगातार सर्वे किया जाय। सर्वे के बाद जिन गांवों एवं परिवारों को तत्काल पुनर्वासित करने की आवश्यकता है, उसकी सूची भी जल्द उपलब्ध कराई जाय। पुनर्वासित परिवारों के लिए भारत सरकार की गाईडलाईन के अनुसार धनराशि दी गई है। पुनर्वासित क्षेत्र में अवस्थापना विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों का कोविड से निधन हुआ उन्हें आपदा मद से 50 हजार रूपये की धनराशि देने की व्यवस्था की जा रही है।

प्राकृतिक आपदा उपरान्त प्रभावित गांवों/ परिवारों के पुनर्वास नीति 2011 के प्राविधानुसार राज्य में कुल 83 गांव एवं 1447 परिवारों को पुनर्वासित किया गया जिसके लिए 61 करोड़ 02 लाख 35 हजार रूपये की धनराशि प्रदान की गई। जिसमें से वर्ष 2017 से पहले 02 गांवों के 11 परिवारों को जबकि वर्ष 2017 के बाद से 81 गांवों के 1436 परिवारों को पुनर्वासित किया गया।

गढ़वाल मंडल में पुनर्वासित किये गये परिवार

  • चमोली जनपद के 15 गांवों के 279 परिवर
  • उत्तरकाशी जनपद के 05 गावों के 205 परिवार
  • टिहरी जनपद के 10 गांवों के 429 परिवार
  • रूद्रप्रयाग जनपद के 10 गांवों के 136 परिवार

कुमाँऊ मण्डल में पुनर्वासित किये गये परिवार

  • पिथौरागढ़ के 31 गांवों के 321 परिवार
  • बागेश्वर जनपद के 09 गांवों के 68 परिवार
  • नैनीताल जनपद के 01 गांव के 01 परिवार
  • अल्मोड़ा जनपद के 02 गांवों के 08 परिवार

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