उत्तराखंड में आगामी चार धाम यात्रा में काफी कुछ बदलाव देखने को मिलेगा। खास तौर से गैर हिंदू और बिना आस्था के दर्शन पर जाने वाले लोगों को प्रतिबंधित करने की तैयारी जोरों पर हैं तो वहीं टीआरपी के चक्कर में ओवर क्राउड होती चार धाम यात्रा में इस बार “हेलो गाइस” करने वालों पर मंदिर समिति की पैनी नजर रहने वाली है। Ban on Non hindus during Chardham Yatra
देहरादून, 27 Jan 2026 : उत्तराखंड में बद्री केदार मंदिर समिति द्वारा केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश के प्रतिबंध लगाने को लेकर जारी किये गये बयान के बाद इस फैसले के कई मायने निकाले जा रहे हैं। तो वहीं पहले हरिद्वार में होने जा रहे आगामी 2027 अर्धकुंभ में गंगा समिति द्वारा सबसे पहले कुंभ में गैर हिंदुओं के प्रवेश के प्रतिबंध को लेकर बात कही गई थी तो वहीं अब बदरी केदार मंदिर समिति के बाद यमुनोत्री और गंगोत्री के पंडा पुरोहितों ने भी इस मामले में अपना समर्थन देते हुए उत्तराखंड के चारो धामों में हिन्दू धर्म न मानने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। तो वहीं इस पूरे मामले में उत्तराखंड में बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी से जब पूछा गया कि इस फैसले के पीछे की वजह क्या और इस फैसले को धरातल पर कैसे उतारेंगे और इसके क्या कुछ दूरगामी मरिणाम होंगे तो उन्होने ये जवाब दिये।
चार धाम में गैर हिंदुओं के प्रतिबंध के पीछे क्या है आधार
ईटीवी से खास बातचीत करते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष द्विवेदी ने बताया केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम में हिन्दुओं के प्रतिबंध को लेकर जो बात की जा रही है वो आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित सनातन धर्म की परंपराओं और आस्था के अनुरूप की जा रही है और इस में कुछ भी नया नहीं है। उन्होने कहा की जहां तक इस बात पर जोर देने की बात है तो जिस तरह से पिछले चार सालों में भाजपा सरकार में यह देखने को मिला है कि कुछ सनातन विरोधी ताकतें लेंड जिहाद, अवैध मजार और अन्य तरह की गतिविधियों बड़ी संख्या में सामने निकल कर आयी है और सरकार द्वारा इस दिशा में कड़ा कदम उठाया गया है। उन्होने कहा कि अभी उत्तराखंड में अर्ध कुंभ होने जा रहा है और इस मौके पर गंगा सभा ने इस बात को उठाया था जिसके बाद यमुनोत्री और गंगोत्री मंदिर का संचालन करने वाली समिति और बद्री केदार मंदिर समिति पहले से ही इस विषय को लेकर बाद उठा रही थी और उत्तराखंड के चारों धामो में मौजदू पंडा पुरोहित, सभी धर्मालंबियों और स्टेक होल्डर्स से चर्चा के बाद इस पर फैसला लिया गया है।
क्या इस फैसले में है कोई संवैधानिक अड़चन, उत्तराखंड के राज्यपाल सिख
चारो धामों में गैर हिंदुओं को वर्जित करने का फैसला तो मंदिर समिती अपने बोर्ड बैठक में लेने जा रही है लेकिन इस संवैधानिक फ्रेम वर्क में धरातल पर कैसे उतारा जाएगा। या फिर इस फैसले को संवैधानिक रूप से कैसे ऑपरेशनल किया जाएगा इसको लेकर भी कई सवाल खड़े किये जा रहे हैं। इस फैसले के बाद कांग्रेस ने सवाल किया कि हमारे प्रदेश के राज्यपाल तो हिन्दू नही है, वो एक सिख समुदाय से आते हैं। इन तमाम सवालों पर को जवाब देते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का कहना है कि हमें इस मामले के संवैधानिक पहलू को समझने के लिए संविधान के आर्टिकल 25 के अनुच्छेद 25(2) का (b) को देखने की जरूरत हैं। उन्होंने कहा संविधान का यह नियम कहता है कि सिख, बौद्ध और जैन हिन्दू धर्म के अंतर्गत माने जाएंगे। वहीं इसके अवाला उन्होने कहा कि जिन लोगों की सनातन धर्म में आस्था हो और वो चारों धामों की यात्रा के महत्व को समझते हैं उनका पूरी तरह से स्वागत हैं। लेकिन जो लोग अराजकता फैलाने और बिने किसी धार्मिक आस्था के यहां पर पहुंचते हैं जो कि पिछले कुछ सालों में सामने भी आया है। उन्होंने कहा कि लगातार चार धामों में यात्रियों की संख्या बढ़ रही है ऐसे में समय की मांग को देखते हुए इस तरह की प्रवृत्ति के लोगों को प्रतिबंधित करना जरूरी है।
सारा अली खान और विदेशी यात्रियों से आने वाले विदेशी धन पर भी सवाल
सवाल केवल अराजक तत्वों को नहीं हैं। हम जानते हैं कि हर साल उत्तराखंड में कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज भी चारों धामों के दर्शन के लिए आते हैं। इसमें से एक नाम बेहद महत्वपूर्ण है जो कि सारा अली खान एक बॉलिवुड सिलेब्रिटीज है और वो मुस्लिम है। एसे में क्या मंदिर समिती उन पर भी प्रतिबंध लगाएगी साथ ही बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक हर साल उत्तराखंड का रुख करते हैं और एक बड़ा फॉरेन इन्वेस्टमेंट भी राज्य में आता है। इस तरह के फैसलों के बाद इस सारे पहलुओं पर क्या असर पड़ेगा। इस सवाल के जवाब में हेमंत द्विवेदी का कहना है कि यह जो चार धाम है यह आदि शंकराचार्य जी द्वारा स्थापित की गई पौराणिक परंपरा के अनुसार सनातन धर्म का एक बेहद महत्वपूर्ण धार्मिक संस्कार है यही वजह है कि पहले से ही इस संबंध में सभी नियम इन धामों में बने हुए है बस उन्ही नियमों का पालन करवाया जा रहा है। उन्होने कहा वह स्पष्ठ तौर पर कह रहें है कि सनातन की इन परंपराओं को समझाया और उसमें आस्था रखेगा वह खुद में सनातनी हुआ उसके लिए कोई रोक नहीं है यह केवल अराजक तत्वों के लिए बाध्यकारी होगा।
ओवरक्राउड यात्रा पर नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम, “होले गाइज” पर भी रहेगी नजर
उत्तराखंड चारधाम यात्रा में गैर हिंदुओं के प्रवेश और सनातन में आस्था न रखने वाले लोगों पर लगातार किये जा रहें नियंत्रण के पीछे बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का कहना है कि हर साल चारो धामों में आने वाले यात्रियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में वो लोक जो वास्तविक धार्मिक और पौराणिक महत्व और आस्था के साथ यात्रा करते हैं उन्हे इस ओवर क्राउड की चुनौती से गुजरना पड़ रहा है। उन्होने कहा कि चारों धामो में आने वाले बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी होते हैं जो कि तीर्थाटन नहीं बल्कि पर्यटन के लिए यहां आते हैं । उन्होने कहा कि हम यात्रा में वास्तविक श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने के लिए तीर्थाटन और पर्यटन को अलग अलग दृष्टि से देखना होगा। उन्होंने कहा कि इन यात्रियों बड़ी संख्या उन युवाओं की भी होती है जो केवल सैर सपाटा और ब्लॉगिंग के लिए यहां आते हैं औस इन सभी पर अब मंदिर समिती धीरे धीरे नियंत्रण करने जा रहा है। क्योकि हमारे पास संसाधन सीमित हैं और यात्री लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
चार धाम अब नही बनेगे टीआरपी पॉइंट, प्रतिबंधित होगी रील ब्लागिंग
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि जिस तरह से पिछले कुछ सालों में केदारनाथ युवाओं के लिए एक ट्रेडिंग लोकेशन बन गया है। सोशल मीडिया बिल्डिंग रील में केदारनाथ एक टीआरपी पोंइट बन चुका है इस पर नियंत्रण पाने के लिए मंदिर समिती सख्त कदम उठाने जा रही हैं। उन्होने कहा कि केदारनाथ में बड़ी संख्या में आने वाले सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर, ब्लॉगर और फोटोग्राफर की वजह से जो लोग धार्मिक आस्था के साथ दर्शन के लिए आते हैं उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए अब बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम में एक सीमित सीमा तक इन सभी को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि बदरीनाथ धाम में सिंह द्वार से आगे और केदारनाथ धाम में मंदिर प्रांगण में मोबाइल और ब्लागिंग कैमरे प्रतिबंधित रहेगा और कपाट खुलने और बंद होने के समय मुख्य मीडिया के प्रमाणित पास बनवाएं जोएगें।

