BKTC Board Meeting Rishikesh: बीकेटीसी बोर्ड बैठक में बदरीनाथ और केदारनाथ धाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियों को दी गई हरी झंडी। जानें उखीमठ, तुंगनाथ और त्रिजुगीनारायण मंदिर को लेकर लिए गए बड़े फैसले।
प्रथम चरण की यात्रा में बने नए रिकॉर्ड: 32 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

बैठक को संबोधित करते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार के कुशल दिशा-निर्देशों में इस वर्ष की यात्रा ऐतिहासिक रही है। उन्होंने आंकड़ों का ब्योरा देते हुए बताया:
कुल चारधाम श्रद्धालु: अब तक 50 लाख से अधिक तीर्थयात्री श्री हेमकुंड साहिब सहित चारधाम के दर्शन कर चुके हैं।
कुल पंजीकरण: चारधाम यात्रा के लिए 60 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों का पंजीकरण हो चुका है।
बदरीनाथ-केदारनाथ धाम रिकॉर्ड: दोनों धामों में 32 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं, जिसमें श्री बदरीनाथ धाम में 17,22,908 और श्री केदारनाथ धाम में 14,92,047 तीर्थयात्रियों ने माथा टेका।
समिति की आय: दोनों प्रमुख धामों से बीकेटीसी को 76 करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है।
20% की बढ़ोतरी: पिछले वर्ष की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में 20 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि कपाट बंद होने में अभी दो महीने का समय शेष है।
द्वितीय चरण की यात्रा व्यवस्थाएं होंगी चुस्त-दुरुस्त: मुख्य फैसले
बैठक का संचालन मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने किया, जिन्होंने एजेंडा चर्चा के लिए पटल पर रखा। द्वितीय चरण की यात्रा को सुगम बनाने के लिए समिति ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए:
वेबसाइट का आधुनिकीकरण और यात्रा SOP: डिजिटल सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मंदिर समिति की आधिकारिक वेबसाइट को आधुनिक बनाया जाएगा और नई यात्रा एसओपी लागू होगी।
सुरक्षा और पारदर्शिता: धामों व अधीनस्थ मंदिरों में सीसीटीवी कैमरों की पुख्ता व्यवस्था होगी और चढ़ावे की गणना को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा।
संस्कृत महाविद्यालय का नामकरण: गुप्तकाशी शोणितपुर स्थित संस्कृत महाविद्यालय का नाम समिति के दिवंगत सदस्य श्रीनिवास पोस्तीके नाम पर रखने का फैसला लिया गया।
मंदिरों का जीर्णोद्धार व वेडिंग डेस्टिनेशन:
श्री ओंकारेश्वर मंदिर (उखीमठ): जीर्णोद्धार के द्वितीय चरण के कार्य शुरू होंगे।
श्री तुंगनाथ मंदिर: मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यों को मंजूरी दी गई।
श्री त्रिजुगीनारायण मंदिर: इस पौराणिक मंदिर को अंतरराष्ट्रीय ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’ (Wedding Destination) के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव पारित हुआ।
कर्मचारियों और हकहकूकधारियों के लिए बड़े ऐलान
बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने जानकारी दी कि बैठक में मंदिर कर्मचारियों और स्थानीय हकहकूकधारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई संवेदनशील फैसले लिए गए हैं:
स्थायीकरण व पदोन्नति: अस्थायी कर्मचारियों के स्थायीकरण, ‘समान कार्य समान वेतन’ नीति और स्थायी कर्मचारियों की पदोन्नति पर सहमति बनी।
आर्थिक सहायता: असमय दिवंगत अस्थायी कर्मचारियों के आश्रितों को आर्थिक मदद और बिना स्थायी हुए सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को अधिवर्षता आयु पूरी होने पर एकमुश्त राशि दी जाएगी।
भीड़ प्रबंधन व अन्य विकास कार्य: भीड़ नियंत्रण के लिए विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी। इसके अलावा सीता माता मंदिर (चांई) के जीर्णोद्धार और नए वेद संस्कृत महाविद्यालय खोलने के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली।
बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी और सदस्य रहे मौजूद
ऋषिकेश में आयोजित इस बोर्ड बैठक में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, सदस्य नीलम पूरी, राजपाल सिंह जड़धारी, महेंद्र शर्मा, दिनेश डोभाल, विनीत पोस्ती, मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़, वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल, अधिशासी अभियंता विपिन तिवारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी, नोडल अधिकारी राकेश सेमवाल, डॉ. हरीश गौड़ और संजय भट्ट सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
FAQ’s (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: बीकेटीसी (BKTC) की बोर्ड बैठक कहां आयोजित की गई?
Ans: श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की बोर्ड बैठक ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप कार्यालय सभागार में आयोजित की गई।
Q2: इस वर्ष अब तक कितने श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ और केदारनाथ के दर्शन किए हैं?
Ans: इस सीजन में अब तक रिकॉर्ड 32 लाख से अधिक श्रद्धालु (बदरीनाथ: 17.22 लाख और केदारनाथ: 14.92 लाख) दर्शन कर चुके हैं।
Q3: किस मंदिर को ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव पास हुआ है?
Ans: पौराणिक श्री त्रिजुगीनारायण मंदिर को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव बीकेटीसी बोर्ड बैठक में पारित किया गया है।

