उत्तराखंड के वरिष्ठ IAS अधिकारी आशीष चौहान (IAS Ashish Chauhan) ने पिथौरागढ़ से लेकर UCADA तक नवाचार, आजीविका और सुरक्षित एविएशन संचालन में नई पहचान बनाई है।
IAS Ashish Chauhan: उत्तराखंड कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आशीष चौहान इन दिनों Uttarakhand Civil Aviation Development Authority (UCADA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में नई जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अपनी सादगी, नवाचार और परिणाम केंद्रित कार्यशैली के कारण वे राज्य प्रशासन में एक अलग पहचान रखते हैं। उत्तराखंड के कई जिलों में जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने ऐसे मॉडल तैयार किए जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली।

UCADA का चार्च संभातले ही धराली आपदा, देश में सबसे बड़ा हिमालयन एयर रेस्क्यु ऑपरेशन
आशीष चौहान (IAS Ashish Chauhan) के प्रशासनिक कार्यकाल की खास पहचान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नेतृत्व रही है। UCADA का दायित्व संभालने के बाद उनके सामने धराली आपदा सबसे बड़ी परीक्षा बनकर सामने आई। आपदा के दौरान सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित होने से राहत और बचाव कार्य का पूरा भार हवाई संचालन पर था। ऐसे कठिन भूगोल में उत्तराखंड नागरिक उड्डयन ने लगातार कई दिनों तक व्यापक एयर ऑपरेशन चलाया। प्रतिदिन सैकड़ों उड़ानों के माध्यम से हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया और पूरा अभियान बिना किसी बड़ी दुर्घटना के संपन्न हुआ।

चार धाम यात्रा में हेली सर्विसेज को किया अपग्रेड
एविएशन सेक्टर में आशीष चौहान (IAS Ashish Chauhan) ने तकनीकी सुधारों को प्राथमिकता दी। हेलीकॉप्टर संचालन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम, फील्ड स्टाफ समन्वय और निजी हेली कंपनियों के संचालन प्रबंधन में कई बदलाव किए गए। पिछले वर्षों में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं के बाद लोगों के मन में जो चिंता बनी थी, उसे भरोसे में बदलने की दिशा में इन फैसलों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चारधाम यात्रा के दौरान भी DGCA मानकों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित कराने में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही।
उत्तराखंड में उनकी पहचान सिर्फ एविएशन तक सीमित नहीं रही। जब वे Pithoragarh के जिलाधिकारी रहे, तब स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए ‘हिलांस’ ब्रांड की शुरुआत एक मॉडल पहल बनी। इस प्रयास ने पहाड़ी उत्पादों को नई बाजार पहचान दिलाई और स्वरोजगार को बढ़ावा मिला। इस नवाचार की चर्चा राष्ट्रीय स्तर तक हुई और इसकी सराहना प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी सार्वजनिक मंच से की।
आशीष चौहान की कार्यशैली की एक और खास बात है—दूरस्थ और कठिन क्षेत्रों में काम करने की प्रतिबद्धता। सीमांत क्षेत्रों में प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने कई नवाचार आधारित परियोजनाएं शुरू कीं। पर्यावरण और पर्वतीय विकास के क्षेत्र में उनके कार्यों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हुई। उनके नाम पर स्पेन में एक पहाड़ी का नाम रखा जाना इसी पहचान का प्रतीक माना जाता है।
सहकर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच आशीष चौहान अपनी सौम्य कार्यशैली, सहज व्यवहार और त्वरित निर्णय क्षमता के लिए जाने जाते हैं। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ फील्ड उपस्थिति और टीम समन्वय उनकी कार्यप्रणाली का प्रमुख हिस्सा रहा है। यही वजह है कि वे राज्य के उन अधिकारियों में गिने जाते हैं जिनके काम को अक्सर नवाचार और परिणाम से जोड़ा जाता है।
उत्तराखंड में एविएशन, आपदा प्रबंधन और आजीविका जैसे क्षेत्रों में उनके योगदान ने यह दिखाया है कि प्रशासनिक नेतृत्व केवल कार्यालय तक सीमित नहीं होता। कठिन परिस्थितियों में जमीन पर निर्णय, टीम संचालन और दीर्घकालिक सुधार ही किसी अधिकारी की पहचान बनाते हैं। आशीष चौहान का अब तक का कार्यकाल इसी दिशा में एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

