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देहरादून: हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, “उद्योग 5.0 युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) स्थिरताऔर नवाचार” का समापन हुआ, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की परिवर्तनकारी क्षमताकी खोज और उद्योग 5.0 के उभरते परिदृश्य में संधारणीय प्रथाओं के साथ इसके एकीकरण मेंएक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। इस कार्यक्रम में वैश्विक विशेषज्ञ, शोधकर्ता और उद्योग के नेता, प्रौद्योगिकी और उद्योग के भविष्य को आकार देने वाले महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा करने के लिए एक साथ आए।

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आई.एम.एस यूनिसन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) अनिल सुब्बाराव पाइला ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से विकास, उद्योगों पर इसके गहन प्रभाव और डिजिटल-केंद्रित कार्यबल में कौशल अंतर को पाटने के लिए निरंतर सीखने के महत्व पर जोर दिया।

आई.एम.एस यूनिसन यूनिवर्सिटी में डीन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट प्रो. (डॉ.) राजीव वास्तव ने दुनिया भर के 45 से अधिक विश्वविद्यालयों से 125 से अधिक शोध पत्रों की प्रस्तुति पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऑटोमेशन-संचालित इंडस्ट्री 4.0 से इंडस्ट्री 5.0 के सहयोगी मानव-एआई गतिशीलता में बदलाव की आवश्यकता पर भी चर्चा की।

दो दिनों में तीन तकनीकी सत्रों (ऑनलाइन और ऑफलाइन) में विभिन्न विषयों को शामिल किया गया और प्रतिभागियों को अत्याधुनिक शोध, अनुप्रयोगों और छात्र नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पहलों में मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान की गई। सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की परिवर्तनकारी शक्ति, नैतिक विकास के महत्व, मानव और एआई बुद्धिमत्ता के अभिसरण और प्रौद्योगिकी विकास में स्थायी प्रथाओं की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। इस तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में डेटा की महत्वपूर्ण भूमिका और आजीवन सीखने के महत्व पर भी जोर दिया गया।

कार्यक्रम का समापन प्रोफेसर (डॉ.) अनिल सुब्बाराव पाइला की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) उत्तराखंड चैप्टर के अध्यक्ष सुयश अग्रवाल और सम्मेलन के अंतर्राष्ट्रीय सहयोगी डॉ. त्सेवांग फुंटशो उपस्थित थे। आई.एम.एस यूनिसन यूनिवर्सिटी की वरिष्ठ सहायक प्रोफेसर डॉ. स्नेहा बडोला ने धन्यवाद ज्ञापन देकर कार्यक्रम का समापन किया।